खबर हरिद्वार उत्तराखंड सैन्य अभ्यास “रैम प्रहार”

एंकर: हरिद्वार आज देशभर में चर्चा का केंद्र बना रहा, जहां वेस्टर्न कमांड की ओर से चल रहे “रैम प्रहार” सैन्य प्रशिक्षण ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी। सेना की विशेष यूनिटें अलग-अलग इलाकों में मोर्चा संभाले नजर आईं, और इस अभ्यास ने आधुनिक युद्ध तैयारियों की झलक पेश की।

पर्वतीय और शहरी दोनों तरह के इलाकों में, सेना की टुकड़ियां रणनीतिक तरीके से अभ्यास करती नजर आईं। इस दौरान जमीनी और हवाई मोर्चों को साथ मिलाकर एकीकृत युद्ध रणनीति का प्रदर्शन किया गया।

इस मौके पर मौजूद सैन्य कमांडरों ने बताया कि “रैम प्रहार” अभ्यास का मकसद आधुनिक युद्धक तकनीकों की ट्रेनिंग देना और हर स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को और मजबूत करना है। यह अभियान राष्ट्रीय सुरक्षा की तैयारी का मजबूत हिस्सा माना जा रहा है। सेना के अभ्यास स्थल पर मौजूद सैन्य अधिकारी ने जानकारी दी कि यहां जितने भी उपकरण और मशीनें इस्तेमाल हो रही हैं, वे पूरी तरह स्वदेशी हैं। इन सभी को सेना की अपनी वर्कशॉप्स में तैयार किया गया है। इससे यह साबित होता है कि आज भारतीय सेना हर मोर्चे पर आत्मनिर्भर बन चुकी है। रक्षा उत्पादन और तकनीक के क्षेत्र में लगातार हुए सुधारों के चलते देश की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह स्वदेशी संसाधनों पर निर्भर है, जिससे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती मिल रही है। अभ्यास के दौरान अपाचे और रुद्र हेलीकॉप्टर ने लाइव डेमो पेश कर सभी का ध्यान खींच लिया। इन लड़ाकू हेलीकॉप्टरों ने टारगेट हिटिंग और क्विक रिस्पॉन्स ऑपरेशन का शानदार प्रदर्शन किया। आसमान में गूंजती रोटर की आवाज़ ने यहां मौजूद हर व्यक्ति में जोश भर दिया।

*बाइट- लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार, सैन्यअधिकारी*







